प्रेमचंद के फटे जूते प्रश्न उत्तर class 9

तो दोस्तों अगर आप भी क्लास 9 के छात्र हैं और आप भी गूगल पर प्रेमचंद के फटे जूते के प्रश्न उत्तर ढूंढ रहे हैं तो आप बिलकुल ही सही पोस्ट पर आए हैं तो चलिए शुरु करते हैं……

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प्रेमचंद के फटे जूते प्रश्न उत्तर class 9

अभ्यास के प्रश्न

प्रेमचंद के फटे जूते

प्रश्न 1. हरिशंकर परसाई ने प्रेमचंद का जो शब्दचित्र हमारे सामने प्रस्तुत किया है उससे प्रेमचंद के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताएँ उभरकर आती हैं ?

उत्तर- हरिशंकर परसाई जी द्वारा प्रस्तुत इस शब्द चित्र को पढ़कर हमें पता चलता है कि प्रेमचंद का जीवन अभावों में बीता। वे सादगी पसंद इंसान थे। उनका व्यक्तित्व बाहर-भीतर एक जैसा था। उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से समाज में व्याप्त सदियों पुरानी मान्यताओं और रूढ़ियों कुप्रथाओं आदि पर करारी चोट की। वे रुकावटों से बचकर नहीं, बल्कि लड़कर आगे बढ़ने वाले व्यक्तित्व के स्वामी थे।

प्रश्न 2. सही कथन के सामने सही का निशान लगाइए-

(क) बाएँ पाँव का जूता ठीक है मगर दाहिने जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अँगुली बाहर निकल आई है।

(ख) लोग तो इत्र चुपड़कर फोटो खिचाते है जिससे फोटो में खुशबू आ जाए।

(ग) तुम्हारी यह व्यग्य मुसकान मेरे हौसले बढ़ाती है।

(घ) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ अँगूठे से इशारा करते हो ?

उत्तर-2. (ख) सही कथन

प्रश्न 3. नीचे दी गई पंक्तियों में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए-

(क) जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है। अब तो जूते की कीमत और बढ़ गई है और एक जूते पर पचीसों टोपियाँ न्योछावर होती हैं।

(ख) तुम पर्दे का महत्व ही नहीं जानते, हम पर्दे पर कुर्बान हो रहे हैं।

(ग) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ हाथ की नहीं, पाँव की अंगुली से इशारा करते हो ?

उत्तर- (क) इस कथन में निहित व्यंग्य यह है कि आज शक्तिशाली व्यक्ति के चरणों में अनेक लोग झुकते अर्थात् अपनी टोपी रख देते हैं और अपने स्वाभिमान को भूलकर दूसरे संप्रभु व्यक्ति के जूतों पर कुर्बान होने,

यानि उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। इसलिए जूतों की कीमत बढ़ गई है। टोपी यहाँ स्वाभिमान और जूता प्रभुता या सामर्थ्य को बताने वाला प्रतीक है।

(ख) लेखक के इस कथन में दिखावे की प्रवृत्ति और अपनी कमजोरी का कठोर वास्तविकता को छिपाने की लोगों की आदत पर व्यंग्य किया गया है। इस पंक्ति में निहित व्यंग्य लोगों की बुराई या घृणा को प्रकट करने के मद्दे तरीके पर किया गया है।

(ग) यहाँ सामाजिक बुराई को लेकर व्यंग्य का भाव है। पाँव की अंगुली से इशारा करना उपहासास्पद और अपमान सूचक है।

प्रश्न 4. पाठ में एक जगह पर लेखक सोचता है कि ‘फोटो खिंचाने की अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी ?’ लेकिन अगले ही पल वह विचार बदलता है कि ‘नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी।’ आपके अनुसार इस संदर्भ में प्रेमचंद के बारे में लेखक के विचार बदलने की क्या वजहें हो सकती हैं ?

उत्तर- लेखक के विचार बदलने का कारण प्रेमचंद के व्यक्तित्व की आंतरिक और बाह्य दोनों स्तरों पर प्राप्त होने वाली एकरूपता, और समरसता है।

प्रश्न 5. आपने यह व्यंग्य पढ़ा। इसे पढ़कर आपको लेखक की कौन सी बातें आकर्षित करती है ?

उत्तर- इस व्यंग्य रचना को पढ़ते हुए हमें लेखक द्वारा प्रयुक्त व्यंग्यपूर्ण भाषा की सरलता और मर्म कथन की सजीव शैली आकर्षित करती है।

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प्रश्न 6. पाठ में ‘टीले’ शब्द का प्रयोग किन संदर्भों को इंगित करने के लिए किया गया होगा ?

उत्तर- ‘टोले’ से तात्पर्य रचना के क्षेत्र की रुकावटों या रूढ़िवादी, सामती और शोषक तथा सुविधाभोगी वर्ग से है। प्रेमचंद ने अपने संपूर्ण साहित्य में इनके विरुद्ध भरपूर लिखा।

रचना और अभिव्यक्ति

7.) प्रेमचंद के फटे जूते को आधार बनाकर परसाई जी ने यह व्यंग्य लिखा है। आप भी किसी व्यक्ति की पोशाक को आधार बनाकर एक व्यंग्य लिखिए।

उत्तर : एक हमारे मित्र है सुरेश साह जो इतने गजब इंसान है कि कहना नही क्योंकि वे हमेशा दूसरों को नसीहत देते रहते है बिना कहे पूछे भी दूसरो को बताते रहते है

एक बार कि बात है जब हम तीन मित्र रमेश (मै), सुरेश और महेश सुबह उठकर व्यायाम के लिए जाने का प्लान बना रहे थे तभी सब ने सुबह उठकर आने को कहा लेकिन महेश थोडा लेट हो गया तो सुरेश ने उसकी वही पर क्लास लगा की और समय की उपयोगिता को बताने लगा। जबकि एक बार खुद वह ऑफिस मे लेट पहुंचा था

8.) आपकी दृष्टि में वेश-भूषा के प्रति लोगों की सोच में आज क्या परिवर्तन आया है?

उत्तर : आज के समय में लोग वेश-भूषा को बहुत महत्त्व देते है इसे सामाजिक प्रतिष्ठा का सूचक मानते है। और उस व्यक्ति को ज्यादा सम्मान और इज्जत देते है जिसकी वेशभूषा अच्छी हो।

भाषा अध्ययन

9.) पाठ में आए मुहावरे छाँटिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

उत्तर : •हौसला पस्त करना – आर्मी ने अपने शौर्य प्रदर्शन से पाकिस्तानी सैनिकी की हौसले पस्त कर दिए

•जंजीर होना – स्वतंत्रता से जीने वाला व्यक्ति कभी भी जंजीर मे नही रहता

•टीला खड़ा होना-जीवन जीना आसान नही है यहाँ कदम-कदम पर टीले खड़े हैं

10.) प्रेमचंद के व्यक्तित्व को उभारने के लिए लेखक ने जिन विशेषणों का उपयोग किया है उनकी सूची बनाइए।

उत्तर : प्रेमचंद का व्यक्तित्व उभारने के लिए लेखक ने जिन विशेषणों का प्रयोग किया है उसकी सूची इस प्रकार है

•जनता के लेखक

•महान कथाकार

•युग प्रवर्तक

•साहित्यिक पुरखे

•उपन्यास

•सम्राटतर सक्रियता

प्रेमचंद के फटे जूते के और प्रश्न 

FAQ :

1.)प्रेमचंद के फटे जूते से आप क्या समझते है,

उत्तर : इस पाठ मे फटे हुए जूते समाज के पाखंड और समाज की विडंबना को बताते है जिससे लेखक अपने लिए ढंग के जूते तक नही खरीद पाएं

2.)प्रेमचंद के फटे जूते को पढ़ने के बाद आपको लेखक की कौन सी बातें आकर्षित करती है?

उत्तर : ये बातें आकर्षित लगी कि लेखक पारखी नजर रखता है वे केवल फोटो को देखकर यह अनुमान लगा लेते है कि आज का समाज केवल दिखावे के आगे सब कुछ करता है

3.) टीला किसका प्रतीक है

उत्तर: बाधा का

(4) लेखक के अनुसार टोपी का प्रतीक क्या है

उत्तर: सम्मान और इज्जत

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