मानव पाचन तंत्र कि परिभाषा (2022)

भोजन में उपास्थित जटिल अणुओ को शरीर के अंदर अनेको प्रकार की एंजाइमों तथा रासायनिक क्रियाओ के द्वारा सरल अणुओ तथा घुलनशील पदार्थो में तोड़ना पाचन कहलाता है 

Hellow दोस्तों, तो आज के इस पोस्ट पर हम मानव पाचन तंत्र कि परिभाषा (2022) के बारे मे पुरी तरह से जानेंगे साथ मे मानव पाचन तंत्र का चित्र भी जानेंगे तो चलिए शुरू करते हैं… 

इस पोस्ट पर पढ़े जाने वाले Topics :- 
•पाचन
•पाचन तंत्र
•आहार नाल
•मुख
•ग्रासनली
•अमाशाय
•छोटी आंत
•बड़ी आंत
•मलाशय
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                            पाचन 

भोजन में उपास्थित जटिल अणुओ को शरीर के अंदर अनेको प्रकार की एंजाइमों तथा रासायनिक क्रियाओ के द्वारा सरल अणुओ तथा घुलनशील पदार्थो में तोड़ना पाचन कहलाता है 
                                                                                        पाचन की क्रिया में भाग लेने वाले अंगो को पाचन तंत्र  है

                     आहार नाल 

मानवओ में आहार नाल एक लम्बी नलिका जैसी होती है जो लगभग 25 से 30 फुट तक लम्बी होती है और मुख (मुहँ) से प्रारंभ होकर गुदा तक सीमित होती है हमारे शरीर में भोजन का पाचन  एक अंग के बाद ठीक अगले वाले अंग में प्रवेश करके क्रमागत रूप से सम्पन होती है जो इस प्रकार है। 

 1 )मुख(मुँह )
 2) ग्रासनली 
 3 ) आमाशय 
 4 ) छोटी आँत (क्षुद्रांस )
 5 ) बड़ी आँत (वृदांत्र ) 
 6 ) मलाशय  

  

1 ) मुख

मुख आहारनाल  का  सबसे पहला भाग होता है और हमारे मुख में एक लालाग्रन्थि पाया जाता है जिससे लार का स्राव होता है और इस लार में आइसोजाइमिन तथा टाइलिन नामक एंजाइम पाए जाते है एक और एंजाइम एमाइलेज पाया जाता है जो भोजन में उपस्थित कार्बोहाइड्रेड (स्ट्रार्च ) का पाचन शुरू कर देता है यानी हम कह सकते है की मनुष्य में भोजन का पाचन मुख से प्रारम्भ हो जाता है।                                                                                                                                   Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

                                                                हमारे मुख में दाँत और जीभ भी पाए जाते   है जिसमे दाँतो का कार्य ग्रहण किये गए भोजन को छोटे -छोटे टुकड़ो में तोड़ना होता है तो वही जीभ के द्वारा स्वाद का पता लगाना होता है क्योकि जीभ के ऊपरी सतह पर स्वाद कनिकाये उपस्थित होती जिससे हम भोजन की नमकीन या खट्टा या फिर तीता होने का पता लगा पाते  है           
            
 

2 )ग्रासनली

ग्रासनली एक  प्रकार की पेशिय अंग है और इस ग्रासनली के द्वारा ही भोजन छोटे -छोटे टुकड़ो के रूप में संचयन करते हुए मुख से आमाशय तक पहुँचती है। 

3 )आमाशय

आमाशय आहारनाल की सबसे चौड़ी भाग है जो थैलीनुमा आकृति की जैसी होती है आमाशय में जठर ग्रंथि पाई जाती है जिससे H.C.Lऔर पेप्सिन का  स्राव होता है
                               H.C.L के द्वारा ,भोजन के साथ आए हुए  सूक्ष्मजीव तथा बैक्टीरिया को मारने में अपनी अहम् भूमिका निभाती है  तो वही पेप्सिन के द्वारा प्रोटीन को सरल अणुओ में बदला जाता है। 

             आमाशय के आंतरिक सतह पर श्लेष्मा पाया जाता है जो आमाशय को अम्ल से रक्षा प्रदान करता है।
              

4)  ) छोटी आँत (क्षुद्रांस )

यह आहार नाल की सबसे लम्बी भाग होती है जंहा पर कार्बोहाइड्रेड ,प्रोटीन और वसा का पूर्ण पाचन होता है छोटी आंत की आतंरिक सतह पर अंगुलीनुमा संरचना पाई जाती है जिसे दिर्घरोम कहते है जो अवशोषण की क्षमता को बढाती है। 
                        छोटी आँत  के तीन भाग होते है। 
(1) इलियम 
(2 )जेजनम 
(3 )ड्यूडियम 
  इलियम अगनाश्य में बदल जाता है ,हमारे अगनाश्य से एक रस स्रावित होती है जिसे आंत्र रस कहते है इसमें प्रोटीन का पाचन ट्रिप्सिन के द्वारा ,वसा का पाचन लाइपेज के द्वाराऔर कार्बोहाइड्रेड का पाचन एमिलेज के द्वारा होता है जिससे प्रोटीन पेपटोस में ,वसा वसा अम्ल में तथा कार्बोहाइड्रेड ग्लूकोस में परिवर्तित हो जाता है। 

 

                छोटी आत का  अगला भाग जेजनम जो यकृत में बदल जाता है इस यकृत के अंदर पित्ताशय होता है जिससे पित रस स्रावित होता है जो वसा का पाचन करता है और यह प्रक्रिया पायसीकरण कहलाता है।


5 ) बड़ी आँत (वृदांत्र )-: 

अब भोजन वृदान्त्र में आ जाता है जंहा पर भोजन में पाए जाने वाले अपशिष्ट पदार्थो का पाचन होता है साथ में जल का भी पाचन  यही पर होता है।                                                              

6 ) मलाशय

मलाशय में अपशिष्ट पदार्थ होते है जो गुदा के द्वारा शरीर के बाहर निकल जाते है। 
मानव पाचन तंत्र कि परिभाषा (2022)
आपने क्या सिखा :
• पाचन की क्रिया मे जटिल पदार्थ सरल अणुओं मे एंजाइम के द्वारा बदल जाते हैं
• पाचन की क्रिया मुख से ही शुरू होती हैं
• पाचन क्रिया मे भाग लेने वाले अंग मिलकर पाचन तंत्र बनाते हैं
• पाचन तंत्र मे भाग लेने वाले सभी अंग आहरनाल बनाते हैं
• पाचन तंत्र का अंतिम भाग मलाशय होता हैं 

कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न :
1) पाचन तंत्र क्या हैं समझाइए  ? 
उत्तर: पाचन क्रिया मे भाग लेने वाले अंग मिलकर पाचन तंत्र बनाते हैं

2) पाचन तंत्र के कितने अंग होते हैं  ? 
उत्तर : पाचन तंत्र के छः भाग होते हैं 

3) मानव पाचन तंत्र के मुख्य भागो के नाम  ? 
उत्तर : मुख, ग्रासनली, अमाशाय,छोटी आंत,बड़ी आंत मलाशय पाचन तंत्र के प्रमुख भाग हैं


Note : तो दोस्तों आज के इस मानव पाचन तंत्र कि परिभाषा (2022)  वाले पोस्ट पर हमने पूरी तरह से पाचन तंत्र के बारे मे जाना आशा करता हूँ कि आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा, isliyr आप इसे अपने दोस्तों के बीच जरूर share करे

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