Aparajita Class 8 Question Answer – अपराजित पाठ

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Aparajita Class 8 Question Answer 

Aparajita Class 8 Question Answer – अपराजित पाठ

FAQ :

(i)कभी-कभी विधाता हमें किससे मिलाता है?

(a) सामान्य आदमी

(b) विलक्षण व्यक्तित्व

(c) मूर्खों से

(d) इनमें कोई नहीं

उत्तर-(b)

 

(ii) विधाता को दोषी कब ठहराया जाता है?

(a) विपत्ति में

(b) सुख में

(c) खेल में

(d) इनमें कोई नहीं

उत्तर- (a)

 

(iii) विधाता ने अभिशप्त काया को कैसा दण्ड दिया?

(a) कठोरतम

(b) मुलायम

(c) सामान्य

(d) इनमें कोई नहीं

उत्तर- (a)

 

iv) ‘अपराजिता’ शीर्षक पाठ के अनुसार डॉ. चन्द्रा को माइक्रो-बायोलॉजी में डॉक्टरेट की उपाधि कब मिली?

(a) 1975

(b) 1976 2.

(c) 1977

(d) 1978

उत्तर-(b)

v) ‘अपराजिता’ पाठ में डॉ. चन्द्रा निम्नांकित में से क्या बनना चाहती थी?

(a) शिक्षिका

(b) डॉक्टर

(c) वकील

(d) ऑफिसर

उत्तर-(b)

vi) ‘अपराजिता’ शीर्षक पाठ के रचयिता कौन हैं?

(a) महादेवी वर्मा

(b) शिवानी

(c) हजारी द्विवेदी

(d) प्रेमचन्द

उत्तर-(b)

v) ‘अपराजिता’ पाठ के आधार पर वीर जननी का पुरस्कार किसे मिला?

(a) शारदा सुब्रहमण्यम

(b) शारदा देवी वेदालंकार

(c) शारदा सुमन

(d) सुमन भारती

उत्तर- (a)

अभ्यास के प्रश्न उत्तर 

1. डॉ० चंद्रा से पहली बार मिलकर लेखिका ने क्या अनुभव किया ?

उत्तर- डॉ० चन्द्रा से पहली बार मिलकर लेखिका को लगा कि विलक्षण व्यक्तित्व से मुलाकात हुई है। उसकी कहानी सुनकर दंग रह गई लेखिका ने अनुभव किया कि नियति के प्रत्येक कठोर आघात को अति मानवीय धैर्य एवं साहस से झेलती लड़की किसी देवांगना से कम नहीं थी।

 

2. लेखिका को डॉ० चन्द्रा देवांगना सी क्यों लगी ?

उत्तर- डॉ० चंद्रा नियति के क्रूर मजाक को भी झुठलाकर महत्वाकांक्षायुक्त जीवन जी रही थी। इसलिए उसे देवांगना-सी लगी ।

3. वीर जननी का पुरस्कार किसे मिला ? उसे यह पुरस्कार क्यों दिया गया ?

उत्तर- ‘वीर जननी’ का पुरस्कार जे० सी० बंगलौर ने डॉ० चंद्रा की माता श्रीमती शारदा सुब्रह्मण्यम् को दिया। यह पुरस्कार उन्हें अपनी पुत्री के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने एवं साथ देने के कारण दिया गया।

4. अपराजिता अपने नाम को किस प्रकार सार्थक करती है ?

उत्तर- अपराजिता का अर्थ है जो पराजित कभी न हो। डॉ० चंद्रा विधाता प्रदत्त विकलांगता को भी मात देकर जीवन के सर्वोच्च स्थान को प्राप्त कर

लिया। इसीलिए उसका अपराजिता नाम सार्थक है।

 

5. ‘चिकित्सा ने जो खोया है, वह विज्ञान ने पाया।’ उपरोक्त पंक्ति को पाठ के आधार पर स्पष्ट करें।

उत्तर- परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर भी अपराजिता को मेडिकल में प्रवेश नहीं मिला क्योंकि उसका निचला शरीर निर्जीव था जो शल्य चिकित्सा के उपयुक्त नहीं था। किन्तु डॉ० चन्द्रा ने विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। इसी पर यह कथन है कि जो चिकित्सा की डॉ० न बनी वह विज्ञान की डॉ० बन गई।

 

6. लेखिका ने लखनऊ के मेधावी युवक को डॉ० चंद्रा से किस प्रकार की प्रेरणा लेने की बात कही है ?

उत्तर-लखनऊ के मेधावी युवक का ट्रेन से हाथ कट गया। वह हताश हो नशे की गिरफ्त में आया। धीरे-धीरे वह पागल हो गया। अब वह लखनऊ के नूर मंजिल पागल खाने में इलाजरत है। लेखिका ऐसे हताश लोगों को कह रही है कि डॉ० चंद्रा जैसे विकलांग लोगों से ऐसे युवकों को प्रेरणा लेनी चाहिए।

 

7. लखिका ने डॉ० चंद्रा की कार्यकुशलता को सुदीर्घ कठिन अभ्यास की यातनाप्रद भूमिका कहा है। लेखिका ने ऐसा क्यों कहा है ?

उत्तर- जब अपराजिता ने डॉक्टरेट की तब उसने लेखिका को कहा उसकी सफलता के पीछे उसकी माँ के कठिन अभ्यास की यातनाप्रद भूमिका थी जो अपराजिता को विज्ञान का सर्वोच्च पुरस्कार तक खींच लाया। अर्थात् अपराजिता की माँ न अपना सर्वस्व न्योछावर कर उसके साथ लगी रही।

Bas Ki Yatra प्रश्न उत्तर