Gangaur Ki Kahani 2024 : गीत ,Quotes और भी बहुत कुछ

Gangaur Ki Kahani को जानने के बाद आपको भी मालूम चल जाएगा की हमारे जीवन मे एक सच्चे प्यार और विश्वास की कितनी महत्व होती है क्योंकि इस कहानी के माध्यम से यह मालूम चल जाता हैं की Gangaur Ki Kahani इतनी प्रसिद्ध क्यों है साथ ही आपको इससे और भी कुछ जानने को मिलने वाला हैं

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तो अगर आपको भी Gangaur Ki Kahani को जानना है तो इस पोस्टन को अंत तक जरूर ही पढे क्योंकि इसकी पूरी जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से प्रदान कराई गई है तो आइए बिना किसी देरी के इसको शुरू करते हैं

Gangaur Ki Kahani

Gangaur Ki Kahani क्या है

बहुत पहले एक बार की बात है जिसके अनुसार कहा जाता है की एक बार भगवान शिव जी ,माता पार्वती जी और मुनि नारद भ्रमण के लिए निकले और  फीर वेलोग चलते चलते चैत्र शुक्ल के माह के तृतीया को एक गाँव मे पहुंचे और इस बात को जानकर गाँव के सभी लोग काफी ज्यादा ही खुश हो गए तथा गाँव की निर्धन महिलाए उनके स्वागत की तैयारी मे लग गई और थाली मे अक्षत तथा हल्दी लेकर स्वागत के लिए सामने आई

और पार्वती जी ने उनके पवित्र पूजा भाव को समझ कर सारा का सारा सुहाग रस उन पर ही छिड़क दिया और वे सभी पूजा करने आई निर्धन औरते अटल सुहाग का वरदान पाकर लौटी परंतु कुछ देर के बाद उस गाँव की धनी परिवार की महिलएं भी अपने साथ सोने चांदी की थाली मे पकवान और सोलर शृंगार करके शिव और पार्वती जी के सामने आई

तो इस पर शंकर जी ने पूँछा की आपने तो सारा सुहाग रस उन निर्धन महिलाओ को दे दिया अब इन्हे क्या देने वाले हैं तब इस पर पार्वती जी ने कहा की हे प्राणनाथ मै इन औरतों को अपने उंगली को काटकर अपने सुहाग का खून देने वाली हूँ जिससे वे महिलाये मेरे तरह ही सौभाग्यवती हो जाएंगी और जैसे ही इन महिलाओ ने अपना पूजन प्रक्रिया को समाप्त किया तो माता पार्वती जी ने अपने उंगली को चीरकर उनपर अपना रक्त को छिड़क दिया और जिन औरतों पर जैसे जैसे रक्त के छीटे पड़े उन्हे वैसे ही सुहाग प्राप्त हुआ और अंत मे माता पार्वती जी ने कहा की तुम सब अपने अपने वस्त्र आभूसन को त्यागकर , मोह माया से अलग अलग होकर अपने तन मन और धन से अपने पत्ती की सेवा करो तुम्हें अखंड सौभाग्यवती प्राप्त होगा

गणगौर के गीत लिखे

वैसे इस गणगौर की बहुत सारी गीत आपको मिल जाने वाली है पर नीचे आपको कुछ विशेष प्रकार की प्रसिद्ध गीत लिखी गई है जिसे पढ़कर आपका भी मन काफी ज्यादा प्रसन्न हो जाएगा तो आइए इसके बारे मे जानना शुरू करते है

हिंगलू भर बालद लाया रे,

हिंगलू भर बालद लाया रे ,म्हारा मान गुमानी ढोला ,

कौन के आँगन रालु रें, म्हारा मान गुमानी ढोला,

ईसरजी के आँगन रालों लें ,म्हारा मान गुमानी ढोला

बाई गौर कामन गाली रे ,म्हारा मान गुमानी ढोला,

जिनने मोहा ईसरजी गौरा रे ,म्हारा मान गुमानी ढोला

हिंगलू भर ….कौन के आँगन….मान गुमानी ढोला

2 नाना अमरसिंह पाँगा बांधे

नाना अमरसिंह पाँगा बांधे ,पेंचा सवारे अजमेर ।

नाना अमरसिंह मोती हो पहने,चुनी सवारे अजमेर ॥

झाली जी एं  खेलम  दो गणगौर , खेलन दो गणगौर ।

खेलन दो री हांडा राव की गणगौर , निखरण दो गणगौर ॥

नाना अमर सिंह बागा हो पहने, कसना सँवारे अजमेर ।

नाना अमर सिंह कंठा  हो पहने,डोरा सँवारे अजमेर ॥

झाली जी एं खेलन दो गणगौर ,खेलन दो गणगौर ।

खेलन दो री हाड़ा राव की गणगौर ,निखरण दो गणगौर

3. सोनी गढ़ को खड़को

सोनी गढ़ को खड़को म्हे सूनयो सोना घड़े रे सुनार

म्यही कुसुंबों रुदीयों

सोनी धडजे ईश्वरजी रो मुडढ़ों

वातों हार की छोलना उबरी आई

सोधरा बाई हो तिलक लिलाड़ म्हारे गोर कुसुंबों रुदीयों

Gangaur Quotes in Hindi

शिव और पार्वती के आशीर्वाद से ,गणगौर का त्योहार आपके और आपके परिवार को

जीवन की असीम सुख और शांति प्रदान करें

 

गणगौर की दिव्य रौशनी आपके जीवन को रौशन करें

और आपके दिल को प्यार और संतोष से भर दे

 

रंगों और उत्साह से भरा ,गणगौर का त्योहार

आपके जीवन मे खुशिया और खुशियां ही लाए

चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति कौन करता हैं

एकजुटता का त्योहार गणगौर

हमारे जीवन मे प्यार और खुशियों के रंग लाता रहता हैं

अंतिम शब्द

तो साथियों आज के इस शानदार पोस्ट पर हमने आपको Gangaur Ki Kahani को बताया है तो अगर आपको मेरी पोस्ट जरा सा भी पसंद आया होगा तो इसे जरूर ही शेयर करें