Jharkhand Board Class 8 Hindi Notes ।। राम का भरत को संदेश

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Jharkhand Board Class 8 Hindi Notes ।। राम का भरत को संदेश

Jharkhand Board Class 8 Hindi Notes

Jharkhand Board Class 8 Hindi Notes के MCQ

1. मुखिया मुख सो चाहिए खान पान कहुँ एक। पाला पोषड़ सकल अंग तुलसी सहित विवेक ।।
(i) इसके रचनाकार कौन हैं?
(a) हजारी प्रसाद द्विवेदी
(b) हरिशंकर परसाई
(c) तुलसीदास
(d) शिवानी
उत्तर-(c)

2. यह हिन्दी साहित्य की कौन-सी विधा है?
(a) कविता
(b) कहानी
(c) निबंध
(d) नाटक
उत्तर-(a)

3. मुखिया को सभी कार्य का पालन कैसे करना चाहिए?
(a) असमान
(b) समान रूप से
(c) अज्ञान
(d) इनमें कोई नहीं
उत्तर – b

4. ‘राम का भरत को संदेश’ शीर्षक पाठ में राम ने किसे समझाने का प्रयास किया है?
(a) लक्ष्मण
(b) सीता
(c) भरत
(d) शत्रुघ्न

5.’राम का भरत को संदेश’ शीर्षक पद्य भरत के आग्रह पर श्रीराम ने अपनी कौन-सी वस्तु भरत को दी-
(a) मुकुट
(b) चरण पादुका
(c) राज सिंहासन
(d) धनुष
उत्तर-(b)

6. तुलसीदास के अनुसार मुखिया को कैसा होना चाहिए?
(a) आँख के समान
(b) मुख के समान
(c) कान के समान
(d) दाँत के समान
उत्तर-(b)

7. “राम का भरत को संदेश” कविता के आधार पर राजधर्म क्या है?
(a) राज्य की प्रजा, परिजन एवं परिवार के सुख-दुःख का ध्यान रखना।
(b) राज्य की प्रजा के साथ नाइंसाफी करना ।
(c) राज्य की प्रजा के साथ अन्याय करना।
(d) राज्य की प्रजा को दुःख पहुँचाना।
उत्तर- (a)

8. “राम का भरत को संदेश” कविता में राम ने किसे समझाने का प्रयास किया है?
(a) लक्ष्मण को
(b) सीता को
(c) हनुमान
(d) भरत को
उत्तर- (d)

पाठ से :

1. पाठ में श्री राम ने किसे समझाने का प्रयास किया है ?
उत्तर- इस पाठ में श्री राम ने भरत को समझाने का प्रयास किया है। उन्होंने भरत को अपने विचारों से अवगत कराकर राजधर्म की शिक्षा भी प्रदान की है।

2. राम ने भरत को क्या-क्या करने की सलाह दी ?

उत्तर- राम ने भरत को प्रजा पालक बनने की सलाह दी। गुरू एवं बड़ों को यथोचित सत्कार देने की सलाह दी। गुरूजनों की आज्ञानुसार राजधर्म पालन करने की सलाह दी।

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3. तुलसीजी के अनुसार मुखिया को कैसा होना चाहिए ?
उत्तर- मुखिया को मुख के समान होना चाहिए जो खाता-पीता तो अकेला है परन्तु शरीर के सभी अंगों का समान रूप से पालन करता है। अर्थात् मुखिया को सभी सदस्यों को समान भाव से देखना चाहिए।

4. पाठ के अनुसार राजधर्म क्या है ?

उत्तर- अपनी प्रजा की सुख-सुविधा का ख्याल रखने वाला राजा लोकप्रिय रहता है। प्रजा की भलाई का प्रयत्न करना एवं अपनी सीमा को सुरक्षित रखना ही राजा का धर्म है। उसके राज्य में कमजोर, गरीब, अमीर सबको समान अधिकार एवं सुविधा प्राप्त हो, यही राजधर्म है।

5. निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट करें-
(क) अस विचार सब सोच बिहाई।
पालहु अवध अवधि भरि जाई ।।

अर्थ : उपर्युक्त पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक भाषा मंजरी क. राम का ‘भरत को संदेश’ शीर्षक पाठ से ली गई है। इसके रचनाकार लेखक तुलसीदास जी हैं।
इस पंक्ति का भाव यह है कि हर प्रकार से सोच-विचार कर लिया गया निर्णय है।

मैं (श्रीराम) वापस नहीं जाऊँगा। भरत अब तुम अयोध्या जाकर चौदह वर्षों तक प्रजापालक बनकर प्रजाजनों की सेवा करो। अर्थात् राम भरत को राजा बनकर जीने की सलाह नहीं दे रहे। वे उन्हें प्रजा को संतान सदृश समझकर पालन-पोषण करने की सलाह दे रहे हैं।

(ख) तुम्ह मुनि मातु सचिव सिखमानी, पालेहु पुहुनि प्रजा रजधानी ।

अर्थ : इन पंक्तियों का भाव यह है कि भरत तुम मुनियों, माताओं, सचिवों की सलाह लेकर प्रजा का पालन-पोषण करो ताकि प्रजाजनों को जीवन जीने में कोई दिक्कत न हो। गुरूजनों के आज्ञानुसार राजधर्म का पालन करो।

अब चलिए जानते हैं Jharkhand Board Class 8 Hindi Notes के कुछ और प्रश्न उत्तर को

पाठ से आगे :

1. हर व्यक्ति का समाज के प्रति दायित्व होता है। आप समाज के प्रति अपना क्या दायित्व समझते हैं। लिखिए।
उत्तर- समाज में हमारा भी दायित्व है। हम प्रेमपूर्वक शान्ति से निवास करें। अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखें। समाज में अच्छी मानसिकता का विकास करें। समाज सेवा के लिए तत्पर रहें।

2. गलत राह पर चलने से बचने के लिए आप क्या-क्या कीजिएगा ?
उत्तर- मैं गलत लोगों से संबंध नहीं रखूँगा। उनके साथ नहीं रहूँगा। अपने से बड़े के साथ रहूँगा। समान उम्र के वेसे लोगों से संबंध रखूँगा जो सच्चे और अच्छे विचार के हैं। मैं भ्रष्टाचार को बढ़ावा न दूँगा। झूठ, से अपने को दूर रखूँगा ।

अनुमान और कल्पना :

1. राम के स्थान पर यदि आप होते तो अयोध्या लौटने के लिए भरत के आग्रह के बाद क्या करते ?

उत्तर- यदि राम के स्थान पर हम होते तो हम भी वापस नहीं लौटता। भरत के आग्रह पर मैं उसे समझा-बुझा कर वापस भेजता क्योंकि लोग एवं इतिहास इस बात को अच्छी निगाह से नहीं देखते कि प्रण के लिए वनवास जाने वाला किसी के आग्रह पर वापस आ जाए।

2. यदि आपको झारखंड का मुख्यमंत्री बना दिया जाए तो राज्य के विकास के लिए आप क्या-क्या करना चाहेंगे? प्राथमिकता के आधार पर सूची बनाइए ।

उत्तर – यदि मैं झारखंड का मुख्यमंत्री बनूँ तो निम्नांकित कार्य करूँगा- ।
(i) प्रजा की भलाई के कार्य में दिन-रात लगा रहूँगा
(ii) आदिवासी उत्थान की योजना बनाऊँगा।
(iii) जंगल के उस आखिरी गाँव तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचा दूँगा जहाँ ग्रामीण लोग रहते हैं।

(iv) सड़क, पेय जल, शौचालय, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को घर-घर तक पहुँचाने की योजना बनाकर कार्यान्वित करूँगा ?
(v) अमीरी-गरीबी के फर्क को समाप्त करने की कोशिश करूँगा?
(vi) गाँव-गाँव बिजली पहुँचवा दूँगा ।